अन्वयः
राज्ञ: king's, स्त्रीणाम् wives, सत्यरूपम् truth embodied, तत् वाक्यम् that word, निशामयन् listening, सहसा immediately, शोकेन with grief, प्रदीप्तमिव as if burning, गृहम् house, विवेश entered.
M N Dutt
Having heard those words of the queens, fraught with truth, Sumantra burning as it were in grief, at once entered the (next) apartment.
Summary
Listening to the correct words of the king's wives, he immediately entered the palace as if in flames (of grief).
पदच्छेदः
| सत्यरूपं | सत्य–रूप (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तद्वाक्यं | तद्–वाक्य (२.१) |
| राज्ञः | राजन् (६.१) |
| स्त्रीणां | स्त्री (६.३) |
| निशामयन् | निशामयत् (√नि-शामय् + शतृ, १.१) |
| प्रदीप्तम् | प्रदीप्त (√प्र-दीप् + क्त, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| शोकेन | शोक (३.१) |
| विवेश | विवेश (√विश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सहसा | सहसा (अव्ययः) |
| गृहम् | गृह (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | त्य | रू | पं | तु | त | द्वा | क्यं |
| रा | ज्ञः | स्त्री | णां | नि | शा | म | यन् |
| प्र | दी | प्त | मि | व | शो | के | न |
| वि | वे | श | स | ह | सा | गृ | हम् |