अन्वयः
सारथिः charioteer, तृतीये on the third, अहनि day, सायाह्न समये at dusk, निरानन्दाम् cheerless, अयोध्याम् Ayodhya, समनुप्राप्य having reached, ददर्श ह saw.
M N Dutt
And on the third day at dusk the charioteer arriving at Ayodhyā saw it bereft of happiness.
Summary
The charioteer reached Ayodhya on the third day at dusk and found the city cheerless.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| सायाह्नसमये | सायाह्न–समय (७.१) |
| तृतीये | तृतीय (७.१) |
| ऽहनि | अहर् (७.१) |
| सारथिः | सारथि (१.१) |
| अयोध्यां | अयोध्या (२.१) |
| समनुप्राप्य | समनुप्राप्य (√समनुप्र-आप् + ल्यप्) |
| निरानन्दां | निरानन्द (२.१) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ह | ह (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | सा | या | ह्न | स | म | ये |
| तृ | ती | ये | ऽह | नि | सा | र | थिः |
| अ | यो | ध्यां | स | म | नु | प्रा | प्य |
| नि | रा | न | न्दां | द | द | र्श | ह |