अन्वयः
सूत O charioteer, मद्वचनात् as my words, विदितात्मनः knower of the self, महात्मनः illustrious, वन्दनीयस्य worthy of salutations, तस्य that, तातस्य father's, पादौ feet, शिरसा head, वन्द्यौ are worthy of salutations.
Summary
'Convey on my behalf, O charioteer to my illustrious father who is known for his selfknowledge, and is worthy of homage, that I am saluting his feet with my head bowed.
पदच्छेदः
| सूत | सूत (८.१) |
| मद्वचनात् | मद्–वचन (५.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| तातस्य | तात (६.१) |
| विदितात्मनः | विदित (√विद् + क्त)–आत्मन् (६.१) |
| शिरसा | शिरस् (३.१) |
| वन्दनीयस्य | वन्दनीय (√वन्द् + अनीयर्, ६.१) |
| वन्द्यौ | वन्द्य (√वन्द् + कृत्, १.२) |
| पादौ | पाद (१.२) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सू | त | म | द्व | च | ना | त्त | स्य |
| ता | त | स्य | वि | दि | ता | त्म | नः |
| शि | र | सा | व | न्द | नी | य | स्य |
| व | न्द्यौ | पा | दौ | म | हा | त्म | नः |