हा राम रामानुज हा हा वैदेहि तपस्विनी ।
न मां जानीत दुःखेन म्रियमाणमनाथवत् ।
दुस्तरो जीवता देवि मयायं शोकसागरः ॥
हा राम रामानुज हा हा वैदेहि तपस्विनी ।
न मां जानीत दुःखेन म्रियमाणमनाथवत् ।
दुस्तरो जीवता देवि मयायं शोकसागरः ॥
अन्वयः
हा राम Ah Rama, हा रामानुज Ah Lakshmana, तपस्विनि the unfortunate, हा वैदेहि Ah Vaidehi, माम् me, दुःखेन due to grief, अनाथवत् like an orphan, म्रियमाणम् dying, न जानीत you do not know.M N Dutt
Ah Rāma! Ah you younger brother of Rāma! Ah you unfortunate Vaidehī! You do not know that I am through grief lamenting like one deserted.Summary
Ah Rama, Ah Lakshmana, Ah unfortunate Vaidehi, you do not know that I am dying like an orphan because of my grief.पदच्छेदः
| हा | हा (अव्ययः) |
| राम | राम (८.१) |
| रामानुज | रामानुज (८.१) |
| हा | हा (अव्ययः) |
| हा | हा (अव्ययः) |
| वैदेहि | वैदेही (८.१) |
| तपस्विनि | तपस्विनी (८.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| मां | मद् (२.१) |
| जानीत | जानीत (√ज्ञा लोट् म.पु. द्वि.) |
| दुःखेन | दुःख (३.१) |
| म्रियमाणम् | म्रियमाण (√मृ + शानच्, २.१) |
| अनाथवत् | अनाथ–वत् (अव्ययः) |
| दुस्तरो | दुस्तर (१.१) |
| जीवता | जीवत् (√जीव् + शतृ, ३.१) |
| देवि | देवी (८.१) |
| मयायं | मद् (३.१)–इदम् (१.१) |
| शोकसागरः | शोक–सागर (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| हा | रा | म | रा | मा | नु | ज | हा | हा | वै | दे | हि |
| त | प | स्वि | नी | न | मां | जा | नी | त | दुः | खे | न |
| म्रि | य | मा | ण | म | ना | थ | वत् | दु | स्त | रो | जी |
| व | ता | दे | वि | म | या | यं | शो | क | सा | ग | रः |