अन्वयः
त्वया by you, अविज्ञानात् in ignorance, मे my, शुचिः purehearted, सुतः son, यत् since, निहतः was killed, तेन therefore, त्वाम् you, सुदुःखम् deeply sorrowful, अतिदारुणम् extremely dreadful, अभिशप्स्यामि I will curse.
Summary
'Though you have killed my purehearted son unintentionally, I will pronounce a disastrous and dreadful curse on you.
पदच्छेदः
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| यद् | यत् (अव्ययः) |
| अविज्ञानान् | अविज्ञान (५.१) |
| निहतो | निहत (√नि-हन् + क्त, १.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| सुतः | सुत (१.१) |
| शुचिः | शुचि (१.१) |
| तेन | तेन (अव्ययः) |
| त्वाम् | त्वद् (२.१) |
| अभिशप्स्यामि | अभिशप्स्यामि (√अभि-शप् लृट् उ.पु. ) |
| सुदुःखम् | सु (अव्ययः)–दुःख (२.१) |
| अतिदारुणम् | अति (अव्ययः)–दारुण (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्व | या | तु | य | द | वि | ज्ञा | ना |
| न्नि | ह | तो | मे | सु | तः | शु | चिः |
| ते | न | त्वा | म | भि | श | प्स्या | मि |
| सु | दुः | ख | म | ति | दा | रु | णम् |