अन्वयः
परन्तपौ destroyers of enemies, भरतशत्रुघ्नौ Bharata and Satrughna, उभौ both, केकयेषु in the Kekaya kingdom, राजगृहे at Rajagriha, पुरे city, रम्ये beautiful, मातामहनिवेशने are in maternal grandfather's palace.
Summary
Bharata and Satrughna, destroyers of enemies, are at the beautiful city of Rajagriha in the Kekaya kingdom, the palace of their maternal grandfather's palace.
पदच्छेदः
| उभौ | उभ् (१.२) |
| भरतशत्रुघ्नौ | भरत–शत्रुघ्न (१.२) |
| केकयेषु | केकय (७.३) |
| परंतपौ | परंतप (१.२) |
| पुरे | पुर (७.१) |
| राजगृहे | राजन्–गृह (७.१) |
| रम्ये | रम्य (७.१) |
| मातामहनिवेशने | मातामह–निवेशन (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | भौ | भ | र | त | श | त्रु | घ्नौ |
| क्के | क | ये | षु | प | रं | त | पौ |
| पु | रे | रा | ज | गृ | हे | र | म्ये |
| मा | ता | म | ह | नि | वे | श | ने |