अन्वयः
भद्रः the blessed one, राजपुत्रः prince (Bharata), अनभीक्ष्णोपसेवितम् uninhabited, महारण्यम् vast forest, भद्रेण by an excellent, यानेन on chariot, मारुतः windgod, खमिव like sky, अत्ययात् passed through.
पदच्छेदः
| राजपुत्रो | राजन्–पुत्र (१.१) |
| महारण्यम् | महत्–अरण्य (२.१) |
| अनभीक्ष्णोपसेवितम् | अनभीक्ष्ण–उपसेवित (√उप-सेव् + क्त, २.१) |
| भद्रो | भद्र (१.१) |
| भद्रेण | भद्र (३.१) |
| यानेन | यान (३.१) |
| मारुतः | मारुत (१.१) |
| खम् | ख (२.१) |
| इवात्ययात् | इव (अव्ययः)–अत्ययात् (√अति-या लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | ज | पु | त्रो | म | हा | र | ण्य |
| म | न | भी | क्ष्णो | प | से | वि | तम् |
| भ | द्रो | भ | द्रे | ण | या | ने | न |
| मा | रु | तः | ख | मि | वा | त्य | यात् |