इति पृष्टा यथातत्त्वं कैकेयी वाक्यमब्रवीत् ।
रामेति राजा विलपन्हा सीते लक्ष्मणेति च ।
स महात्मा परं लोकं गतो गतिमतां वरः ॥
इति पृष्टा यथातत्त्वं कैकेयी वाक्यमब्रवीत् ।
रामेति राजा विलपन्हा सीते लक्ष्मणेति च ।
स महात्मा परं लोकं गतो गतिमतां वरः ॥
अन्वयः
गतिमताम् among those who attained the excellent state, वरः the foremost, महात्मा magnanimous, सः that, राजा king, रामेति O Rama, हा सीते O Sita, लक्ष्मणेति च O Lakshmana also, विलपन् lamenting, परं लोकम् to the other world, गतः went.M N Dutt
Thus asked, Kaikeyi related all as it had happened, saying, “Bewailing 'Ah Rama!' 'Ah Sita!' “Ah Laksmana!' that magnanimous one, the foremost of those that have attained to excellent state (after death), has gone to the next world coming under the law of time.Summary
The magnanimous king, the foremost of those who attained the excellent state after, death, went to the other world, lamenting 'O Rama, O Sita, O Lakshamana'.पदच्छेदः
| इति | इति (अव्ययः) |
| पृष्टा | पृष्ट (√प्रच्छ् + क्त, १.१) |
| यथातत्त्वं | यथातत्त्वम् (अव्ययः) |
| कैकेयी | कैकेयी (१.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| रामेति | राम (८.१)–इति (अव्ययः) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| विलपन् | विलपत् (√वि-लप् + शतृ, १.१) |
| हा | हा (अव्ययः) |
| सीते | सीता (८.१) |
| लक्ष्मणेति | लक्ष्मण (८.१)–इति (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| महात्मा | महात्मन् (१.१) |
| परं | पर (२.१) |
| लोकं | लोक (२.१) |
| गतो | गत (√गम् + क्त, १.१) |
| गतिमतां | गतिमत् (६.३) |
| वरः | वर (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | ति | पृ | ष्टा | य | था | त | त्त्वं | कै | के | यी | वा |
| क्य | म | ब्र | वीत् | रा | मे | ति | रा | जा | वि | ल | प |
| न्हा | सी | ते | ल | क्ष्म | णे | ति | च | स | म | हा | त्मा |
| प | रं | लो | कं | ग | तो | ग | ति | म | तां | व | रः |