अन्वयः
यत: जाता from the time of her birth, कैकेय्या सह along with Kaikeyi, ऊषिता living, ज्ञातिदासी family servant, यदृच्छया casually, चन्द्रसङ्काशम् resembling the Moon, प्रासादम् palace, आरुरोह ascended.
Summary
The family maid (Manthara) of Kaikeyi who had been living with her since her (Kaikeyi's) birth casually ascended the palace gleaming white like the Moon.
पदच्छेदः
| ज्ञातिदासी | ज्ञातिदासी (१.१) |
| यतो | यतस् (अव्ययः) |
| जाता | जात (√जन् + क्त, १.१) |
| कैकेय्यास् | कैकेयी (६.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सहोषिता | सह (अव्ययः)–उषित (√वस् + क्त, १.१) |
| प्रासादं | प्रासाद (२.१) |
| चन्द्रसंकाशम् | चन्द्र–संकाश (२.१) |
| आरुरोह | आरुरोह (√आ-रुह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| यदृच्छया | यदृच्छा (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज्ञा | ति | दा | सी | य | तो | जा | ता |
| कै | के | य्या | स्तु | स | हो | षि | ता |
| प्रा | सा | दं | च | न्द्र | सं | का | श |
| मा | रु | रो | ह | य | दृ | च्छ | या |