पदच्छेदः
| प्रासादमालासंयुक्ताः | प्रासाद–माला–संयुक्त (√सम्-युज् + क्त, १.३) |
| सौधप्राकारसंवृताः | सौध–प्राकार–संवृत (√सम्-वृ + क्त, १.३) |
| पताकाशोभिताः | पताका–शोभित (√शोभय् + क्त, १.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| सुनिर्मितमहापथाः | सु (अव्ययः)–निर्मित (√निः-मा + क्त)–महत्–पथ (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रा | सा | द | मा | ला | सं | यु | क्ताः |
| सौ | ध | प्रा | का | र | सं | वृ | ताः |
| प | ता | का | शो | भि | ताः | स | र्वे |
| सु | नि | र्मि | त | म | हा | प | थाः |