अन्वयः
अथ thereafter, प्रतापवान् valiant, विनयज्ञः conversant with modesty, सूतपुत्रः son of charioteer, Sumantra, आयान्तम् approaching, तम् him, सम्प्रेक्ष्य having seen, विनीतवत् humbly, भरताय to Bharata, आचचक्षे informed.
M N Dutt
Seeing Guha approaching, the powerful son of the charioteer knowing season, humbly informed Bharata of it, saying.
Summary
The valiant Sumantra, conversant with ways of modesty, observed Guha approaching them and humbly informed Bharata.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| आयान्तं | आयान्त् (√आ-या + शतृ, २.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सम्प्रेक्ष्य | सम्प्रेक्ष्य (√सम्प्र-ईक्ष् + ल्यप्) |
| सूतपुत्रः | सूत–पुत्र (१.१) |
| प्रतापवान् | प्रतापवत् (१.१) |
| भरतायाचचक्षे | भरत (४.१)–आचचक्षे (√आ-चक्ष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ऽथ | अथ (अव्ययः) |
| विनयज्ञो | विनय–ज्ञ (१.१) |
| विनीतवत् | विनीत (√वि-नी + क्त)–वत् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मा | या | न्तं | तु | सं | प्रे | क्ष्य |
| सू | त | पु | त्रः | प्र | ता | प | वान् |
| भ | र | ता | या | च | च | क्षे | ऽथ |
| वि | न | य | ज्ञो | वि | नी | त | वत् |