अन्वयः
भरतः Bharata, सुमन्त्रात् from Sumantra, एतत् शुभम् these auspicious, वचनम् word, श्रुत्वा having heard, गुहः Guha, शीघ्रम् at once, माम् me, पश्यतु let him see, इति these, वचनम् word, उवाच said.
M N Dutt
Hearing these wise words of Sumantra, Bharata at once said, "Let Guha see me."
Summary
On hearing these auspicious words of Sumantra, Bharata said Let Guha see me at once.
पदच्छेदः
| एतत् | एतद् (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| सुमन्त्राद् | सुमन्त्र (५.१) |
| भरतः | भरत (१.१) |
| शुभम् | शुभ (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| शीघ्रं | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| गुहः | गुह (१.१) |
| पश्यतु | पश्यतु (√पश् लोट् प्र.पु. एक.) |
| माम् | मद् (२.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | त | त्तु | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| सु | म | न्त्रा | द्भ | र | तः | शु | भम् |
| उ | वा | च | व | च | नं | शी | घ्रं |
| गु | हः | प | श्य | तु | मा | मि | ति |