अन्वयः
मन्थरा Manthara, कैकेयीवचनम् Kaikeyi's words, श्रुत्वा having heard, भृश दु:खिता very much unhappy, दीर्घम् deeply, उष्णं च and hot, विनिश्वस्य after heaving, कैकेयीम् addressing Kaikeyi, इदम् this word, अब्रवीत् said.
Summary
Having heard Kaikeyi's words Manthara was extremely unhappy. Heaving deep, hot sighs she said to Kaikeyi.
पदच्छेदः
| कैकेय्या | कैकेयी (६.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| मन्थरा | मन्थरा (१.१) |
| भृशदुःखिता | भृश–दुःखित (१.१) |
| दीर्घम् | दीर्घ (२.१) |
| उष्णं | उष्ण (२.१) |
| विनिःश्वस्य | विनिःश्वस्य (√विनिः-श्वस् + ल्यप्) |
| कैकेयीम् | कैकेयी (२.१) |
| इदम् | इदम् (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कै | के | य्या | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| म | न्थ | रा | भृ | श | दुः | खि | ता |
| दी | र्घ | मु | ष्णं | वि | निः | श्व | स्य |
| कै | के | यी | मि | द | म | ब्र | वीत् |