अन्वयः
त्वया by you, भरत: Bharata, बाल: एव even as a child, मातुल्यम् maternal uncle's house, नायित: हि has been sent off, सन्निकर्षात् from proximity, स्थावरेष्वपि even among the immobile (inanimate) objects, सौहार्दम् friendliness, जायते is created.
Summary
Bharata has been sent by you right from his childhood to his maternal uncle's house. Proximity creates friendship even amongst the inanimate objects.
पदच्छेदः
| बाल | बाल (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| मातुल्यं | मातुल्य (२.१) |
| भरतो | भरत (१.१) |
| नायितस् | नायित (√नायय् + क्त, १.१) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| संनिकर्षाच् | संनिकर्ष (५.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| सौहार्दं | सौहार्द (१.१) |
| जायते | जायते (√जन् लट् प्र.पु. एक.) |
| स्थावरेष्व् | स्थावर (७.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| बा | ल | ए | व | हि | मा | तु | ल्यं |
| भ | र | तो | ना | यि | त | स्त्व | या |
| सं | नि | क | र्षा | च्च | सौ | हा | र्दं |
| जा | य | ते | स्था | व | रे | ष्व | पि |