अन्वयः
तस्मात् therefore, ते सुत: your son, राजगृहादेव from Rajagriha (the place of Bharata's maternal uncle) straightaway, वनम् to the forest, गच्छतु let go, एतत् that only, मह्यम् for me, रोचते हि alone is pleasing, तवापि च for you also, भृशम् highly, हितम् beneficial.
Summary
Therefore let your son go to the forest straight from his uncle's palace only. That alone will please me. For you also this is highly beneficial.
पदच्छेदः
| तस्माद् | तस्मात् (अव्ययः) |
| राजगृहाद् | राजन्–गृह (५.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| वनं | वन (२.१) |
| गच्छतु | गच्छतु (√गम् लोट् प्र.पु. एक.) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| सुतः | सुत (१.१) |
| एतद्धि | एतद् (१.१)–हि (अव्ययः) |
| रोचते | रोचते (√रुच् लट् प्र.पु. एक.) |
| मह्यं | मद् (४.१) |
| भृशं | भृशम् (अव्ययः) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| हितं | हित (१.१) |
| तव | त्वद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्मा | द्रा | ज | गृ | हा | दे | व |
| व | नं | ग | च्छ | तु | ते | सु | तः |
| ए | त | द्धि | रो | च | ते | म | ह्यं |
| भृ | शं | चा | पि | हि | तं | त | व |