अन्वयः
वर्षशतात् hundred years, परम् beyond, पुरुषर्षभ: best of men, भरतश्चापि Bharata also, रामस्य Rama's, पितृपैतामहम् pertaining to fathers and grandfathers, राज्यम् kingdom, अवाप्ता will inherit.
Summary
After a hundred years of Rama's rule, Bharata, the best of men, will get the kingdom of his ancestors.
पदच्छेदः
| भरतश् | भरत (१.१) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| ध्रुवं | ध्रुवम् (अव्ययः) |
| वर्षशतात् | वर्ष–शत (५.१) |
| परम् | परम् (अव्ययः) |
| पितृपैतामहं | पितृपैतामह (२.१) |
| राज्यम् | राज्य (२.१) |
| अवाप्स्यति | अवाप्स्यति (√अव-आप् लृट् प्र.पु. एक.) |
| नरर्षभः | नर–ऋषभ (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | र | त | श्चा | पि | रा | म | स्य |
| ध्रु | वं | व | र्ष | श | ता | त्प | रम् |
| पि | तृ | पै | ता | म | हं | रा | ज्य |
| म | वा | प्स्य | ति | न | र | र्ष | भः |