अन्वयः
ततः then, भरद्वाजस्य by Bharadwaja, शासनात् order, मुहूर्तेन instantly, तत्र there, पायसकर्दमाः payasam (rice cooked in milk with sugar) as mud, नद्यः rivers, भरतम् Bharata, उपातिष्ठन्त approached.
M N Dutt
Then at Bharadvāja's command, came into being near Bharata streams having Pāyasa for their slime.
Summary
Rivers filled with payasam (rice cooked in milk and sugar) in the shape of mud flowed towards Bharata at the command of Bharadwaja.
पदच्छेदः
| ततस् | ततस् (अव्ययः) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| मुहूर्तेन | मुहूर्त (३.१) |
| नद्यः | नदी (१.३) |
| पायसकर्दमाः | पायस–कर्दम (१.३) |
| उपातिष्ठन्त | उपातिष्ठन्त (√उप-स्था लङ् प्र.पु. बहु.) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| भरद्वाजस्य | भरद्वाज (६.१) |
| शासनात् | शासन (५.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त | स्त | त्र | मु | हू | र्ते | न |
| न | द्यः | पा | य | स | क | र्द | माः |
| उ | पा | ति | ष्ठ | न्त | भ | र | तं |
| भ | र | द्वा | ज | स्य | शा | स | नत् |