अन्वयः
भगवन् O holy one, सामात्यः with my ministers, समग्रबलवाहनः with the entire army and animals, त्वया by you, बलवत् exceedingly, सर्वकामैः with all desires, तर्पितः gratified, सुखोषितः अस्मि passed pleasantly.
Summary
O holy one, I with my ministers and the entire army of men and animals passed the night happily. All our desires have been gratified by you.
पदच्छेदः
| सुखोषितो | सुख–उषित (√वस् + क्त, १.१) |
| ऽस्मि | अस्मि (√अस् लट् उ.पु. ) |
| भगवन् | भगवत् (८.१) |
| समग्रबलवाहनः | समग्र–बल–वाहन (१.१) |
| तर्पितः | तर्पित (√तर्पय् + क्त, १.१) |
| सर्वकामैश् | सर्व–काम (३.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सामात्यो | स (अव्ययः)–अमात्य (१.१) |
| बलवत् | बलवत् (२.१) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सु | खो | षि | तो | ऽस्मि | भ | ग | व |
| न्स | म | ग्र | ब | ल | वा | ह | नः |
| त | र्पि | तः | स | र्व | का | मै | श्च |
| सा | मा | त्यो | ब | ल | व | त्त्व | या |