अन्वयः
अनिन्दिते O flawless one, त्वया with you, लक्ष्मणेन च सार्धम् and in the company Lakshmana, इह here, अनेकाः many, शरदः autumns, वत्स्यामि यदि if I am to live, माम् me, शोकः grief, न प्रधक्ष्यति will not consume.
M N Dutt
If, O blameless one, I dwell (here) for many years with you as well as Lakşmaņa, grief cannot overcome me.
Summary
O flawless one, if I am to live here for many years to come with you and Lakshmana, no grief will consume me.
पदच्छेदः
| यदीह | यदि (अव्ययः)–इह (अव्ययः) |
| शरदो | शरद् (२.३) |
| ऽनेकास् | अनेक (२.३) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| सार्धम् | सार्धम् (अव्ययः) |
| अनिन्दिते | अनिन्दित (८.१) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| वत्स्यामि | वत्स्यामि (√वस् लृट् उ.पु. ) |
| न | न (अव्ययः) |
| मां | मद् (२.१) |
| शोकः | शोक (१.१) |
| प्रधक्ष्यति | प्रधक्ष्यति (√प्र-दह् लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | दी | ह | श | र | दो | ऽने | का |
| स्त्व | या | सा | र्ध | म | नि | न्दि | ते |
| ल | क्ष्म | णे | न | च | व | त्स्या | मि |
| न | मां | शो | कः | प्र | ध | क्ष्य | ति |