अन्वयः
वैदेहि O Sita, धर्मात्मा righteous, लक्ष्मणश्चापि Lakshmana also, मन्निदेशे at my command, व्यवस्थितः obedient, त्वं च you also, अनुकूला agreeable, मम to me, प्रीतिम् pleasure, जनयथः are causing.
M N Dutt
The virtuous Lakşmaņa is ever obedient to my commands; and, O Videha's daughter, you also are favourable to me.
Summary
With righteous Lakshmana obedient and you, O Sita, agreeable to me, you both bring me great pleasure.
पदच्छेदः
| लक्ष्मणश् | लक्ष्मण (१.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| धर्मात्मा | धर्म–आत्मन् (१.१) |
| मन्निदेशे | मद्–निदेश (७.१) |
| व्यवस्थितः | व्यवस्थित (√व्यव-स्था + क्त, १.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| चानुकूला | च (अव्ययः)–अनुकूल (१.१) |
| वैदेहि | वैदेही (८.१) |
| प्रीतिं | प्रीति (२.१) |
| जनयथो | जनयथः (√जनय् लट् म.पु. एक.) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ल | क्ष्म | ण | श्चै | व | ध | र्मा | त्मा |
| म | न्नि | दे | शे | व्य | व | स्थि | तः |
| त्वं | चा | नु | कू | ला | वै | दे | हि |
| प्री | तिं | ज | न | य | थो | म | म |