अन्वयः
अद्य today, अहम् I, रामम् to Rama, इत: from here itself, क्षिप्रम् quickly, वनम् to the forest, प्रस्थापयामि shall send forth, भरतं च to Bharata also, क्षिप्रमेव without delay, यौवराज्ये as prince regent, अभिषेचये I shall consecrate (him).
Summary
Today I shall at once banish Rama from here into the forest and get Bharata coronated as heirapparent without delay.
पदच्छेदः
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| रामम् | राम (२.१) |
| इतः | इत (√इ + क्त, १.१) |
| क्षिप्रं | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| वनं | वन (२.१) |
| प्रस्थापयाम्य् | प्रस्थापयामि (√प्र-स्थापय् लट् उ.पु. ) |
| अहम् | मद् (१.१) |
| यौवराज्येन | यौवराज्य (३.१) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| क्षिप्रम् | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| एवाभिषेचये | एव (अव्ययः)–अभिषेचये (√अभि-सेचय् लट् उ.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | द्य | रा | म | मि | तः | क्षि | प्रं |
| व | नं | प्र | स्था | प | या | म्य | हम् |
| यौ | व | रा | ज्ये | न | भ | र | तं |
| क्षि | प्र | मे | वा | भि | षे | च | ये |