अन्वयः
आयतम् wide, रथघोणमिव like the hub of a chariot, दीर्घम् long, तव your, यत् which, इदम् this, स्थगु hump, अत्र here, ते your, मतय: thoughts, क्षत्रविद्या: skills of a kshatriya, माया: च also magic powers, वसन्ति are residing.
Summary
Your clever thoughts, magic powers and also the skills of kshatriyas are stored in your huge hump which is as wide as the hub of a chariot wheel.
पदच्छेदः
| तवेदं | त्वद् (६.१)–इदम् (१.१) |
| स्थगु | स्थगु (१.१) |
| यद् | यद् (१.१) |
| दीर्घं | दीर्घ (१.१) |
| रथघोणम् | रथ–घोणा (१.१) |
| इवायतम् | इव (अव्ययः)–आयत (१.१) |
| मतयः | मति (१.३) |
| क्षत्रविद्याश् | क्षत्र–विद्या (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| मायाश् | माया (१.३) |
| चात्र | च (अव्ययः)–अत्र (अव्ययः) |
| वसन्ति | वसन्ति (√वस् लट् प्र.पु. बहु.) |
| ते | त्वद् (४.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | वे | दं | स्थ | गु | य | द्दी | र्घं |
| र | थ | घो | ण | मि | वा | य | तम् |
| म | त | यः | क्ष | त्र | वि | द्या | श्च |
| मा | या | श्चा | त्र | व | स | न्ति | ते |