अन्वयः
त्वम् you, मम to me, यथैव in that manner, कुब्जाया: other hunchbacks, तव पादौ अपि your feet also, कुब्जा: other humpbacks, सर्वाभरणभूषिता: adorned with all ornaments, सदा परिचरिष्यन्ति will always serve you.
Summary
Other hunchbacks adorned with all sorts of ornament shall also serve you in the same manner as you are serving me.
पदच्छेदः
| तवापि | त्वद् (६.१)–अपि (अव्ययः) |
| कुब्जाः | कुब्ज (१.३) |
| कुब्जायाः | कुब्ज (६.१) |
| सर्वाभरणभूषिताः | सर्व–आभरण–भूषित (√भूषय् + क्त, १.३) |
| पादौ | पाद (२.२) |
| परिचरिष्यन्ति | परिचरिष्यन्ति (√परि-चर् लृट् प्र.पु. बहु.) |
| यथैव | यथा (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| सदा | सदा (अव्ययः) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | वा | पि | कु | ब्जाः | कु | ब्जा | याः |
| स | र्वा | भ | र | ण | भू | षि | ताः |
| पा | दौ | प | रि | च | रि | ष्य | न्ति |
| य | थै | व | त्वं | स | दा | म | म |