अन्वयः
सः भरतः that Bharata, मुहूर्तम् for a moment, निरीक्ष्य looking around, उटजे in the cottage, आसीनम् seated, जटामण्डलधारिणम् wearing matted locks of hair, गुरुम् esteemed brother, रामम् Rama, ददर्श saw.
Summary
Bharata looked around for a moment and saw his esteemed brother Rama seated in that thatched cottage wearing matted locks of hair.
पदच्छेदः
| निरीक्ष्य | निरीक्ष्य (√निः-ईक्ष् + ल्यप्) |
| स | तद् (१.१) |
| मुहूर्तं | मुहूर्त (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| भरतो | भरत (१.१) |
| गुरुम् | गुरु (२.१) |
| उटजे | उटज (२.२) |
| रामम् | राम (२.१) |
| आसीनं | आसीन (√आस् + क्त, २.१) |
| जटामण्डलधारिणम् | जटा–मण्डल–धारिन् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | री | क्ष्य | स | मु | हू | र्तं | तु |
| द | द | र्श | भ | र | तो | गु | रुम् |
| उ | ट | जे | रा | म | मा | सी | नां |
| ज | टा | म | ण्ड | ल | धा | रि | णम् |