अन्वयः
ततः then, तैः by them, सुहृद्गणैः with hosts of friends, वृतानाम् surrounded by, पुरुषसिंहानाम् lions of men (best of men), शोचतामेव while they were lamenting, रजनी night, दुःखेन painfully, व्यत्यवर्तत passed off.
Summary
That night passed off painfully for the four lion like brothers as they lamented, surrounded by their hosts of friends.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| पुरुषसिंहानां | पुरुष–सिंह (६.३) |
| वृतानां | वृत (√वृ + क्त, ६.३) |
| तैः | तद् (३.३) |
| सुहृद्गणैः | सुहृद्–गण (३.३) |
| शोचताम् | शोचत् (√शुच् + शतृ, ६.३) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| रजनी | रजनी (१.१) |
| दुःखेन | दुःख (३.१) |
| व्यत्यवर्तत | व्यत्यवर्तत (√व्यति-वृत् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | पु | रु | ष | सिं | हा | नां |
| वृ | ता | नां | तैः | सु | हृ | द्ग | णैः |
| शो | च | ता | मे | व | र | ज | नी |
| दुः | खे | न | व्य | त्य | व | र्त | त |