पदच्छेदः
| एषोपमा | एतद् (१.१)–उपमा (१.१)–एतद् (१.१)–उपमा (१.१) |
| महाबाहो | महत्–बाहु (८.१)–महत्–बाहु (८.१) |
| त्वम् | त्वद् (१.१)–त्वद् (१.१) |
| अर्थं | अर्थ (२.१)–अर्थ (२.१) |
| वेत्तुम् | वेत्तुम् (√विद् + तुमुन्)–वेत्तुम् (√विद् + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. )–अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| त्वम् | त्वद् (१.१) |
| अस्मान् | मद् (२.३) |
| ऋषभो | ऋषभ (१.१) |
| भर्ता | भर्तृ (१.१) |
| भृत्यान् | भृत्य (२.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| शाधि | शाधि (√शास् लोट् म.पु. ) |
| हि | हि (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | षो | प | मा | म | हा | बा | हो |
| त्व | म | र्थं | वे | त्तु | म | र्ह | सि |
| य | दि | त्व | म | स्मा | नृ | ष | भो |
| भ | र्ता | भृ | त्या | न्न | शा | धि | हि |