अन्वयः
कृतात्मा man of firm determination, आत्मवान् selfpossessed, रामः Rama, एवम् in this way, विलपन्तम् lamenting, यशस्विनम् illustrious, दुःखितम् depressed, तं भरतम् that Bharata, प्रेक्ष्य seeing, समाश्वासयत् consoled him.
Summary
Thus lamenting, Bharata fainted. Seeing him (in this state) all the women (of the inner apartment) at once cried aloud piteously.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| दुःखितं | दुःखित (२.१) |
| प्रेक्ष्य | प्रेक्ष्य (√प्र-ईक्ष् + ल्यप्) |
| विलपन्तं | विलपत् (√वि-लप् + शतृ, २.१) |
| यशस्विनम् | यशस्विन् (२.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| कृतात्मा | कृत (√कृ + क्त)–आत्मन् (१.१) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| समाश्वासयद् | समाश्वासयत् (√समा-श्वासय् लङ् प्र.पु. एक.) |
| आत्मवान् | आत्मवत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मे | वं | दुः | खि | तं | प्रे | क्ष्य |
| वि | ल | प | न्तं | य | श | स्वि | नम् |
| रा | मः | कृ | ता | त्मा | भ | र | तं |
| स | मा | श्वा | स | य | दा | त्म | वान् |