अन्वयः
क्रोधात् due to anger, मोहात् due to delusion, साहसात् due to a spirit of adventure, तातस्य father's, यत् अतिक्रान्तम् whichever trangression, तत् that, भवान् you, साधु prudently, अर्थम् meaning, अभिसन्धाय having thought over, प्रत्याहरतु will set it right.
Summary
Our father has trangressed righteousness due to anger or delusion or recklessness. Therefore, you may think over the matter prudently and set it right.
पदच्छेदः
| साध्वर्थम् | साधु–अर्थ (२.१) |
| अभिसंधाय | अभिसंधाय (√अभिसम्-धा + ल्यप्) |
| क्रोधान् | क्रोध (५.१) |
| मोहाच् | मोह (५.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| साहसात् | साहस (५.१) |
| तातस्य | तात (६.१) |
| यद् | यद् (१.१) |
| अतिक्रान्तं | अतिक्रान्त (√अति-क्रम् + क्त, १.१) |
| प्रत्याहरतु | प्रत्याहरतु (√प्रत्या-हृ लोट् प्र.पु. एक.) |
| तद् | तद् (२.१) |
| भवान् | भवत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सा | ध्व | र्थ | म | भि | सं | धा | य |
| क्रो | धा | न्मो | हा | च्च | सा | ह | सात् |
| ता | त | स्य | य | द | ति | क्रा | न्तं |
| प्र | त्या | ह | र | तु | त | द्भ | वान् |