अन्वयः
राजन् O king Bharata, अहमपि I also, अविलम्बयन् without delay, आभ्याम् of these two, वैदेह्या with the princess from Videha (Sita), लक्ष्मणेन च and Lakshmana, सहितः in the company of, दण्डकारण्यम् Dandaka forest, प्रवेक्ष्ये shall enter.
Summary
O king (Bharata) I shall also enter the Dandaka forest without delay in the company of only these two -- the princess from Videha (Sita) and Lakshmana.
पदच्छेदः
| प्रवेक्ष्ये | प्रवेक्ष्ये (√प्र-विश् लृट् उ.पु. ) |
| दण्डकारण्यम् | दण्डक–अरण्य (२.१) |
| अहम् | मद् (१.१) |
| अप्य् | अपि (अव्ययः) |
| अविलम्बयन् | अविलम्बयत् (१.१) |
| आभ्यां | इदम् (३.२) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सहितो | सहित (१.१) |
| राजन् | राजन् (८.१) |
| वैदेह्या | वैदेही (३.१) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्र | वे | क्ष्ये | द | ण्ड | का | र | ण्य |
| म | ह | म | प्य | वि | ल | म्ब | यन् |
| आ | भ्यां | तु | स | हि | तो | रा | ज |
| न्वै | दे | ह्या | ल | क्ष्म | णे | न | च |