अन्वयः
सर्वे all, ते वनचारिण: those forestrangers, आश्चर्यभूतान् creating wonder, वैदेहीम् Sita, लक्ष्मणं Lakshmana, चैव too, रामं Rama, अनिमिषैरिव unblinking, नेत्रै: with eyes, ददृशुः saw.
M N Dutt
And struck with astonishment, those inhabitants of the woods of pre-eminent piety saw Vaidehī, Lakşmaņa and Rāma, with winkless eyes.
Summary
All the foresters looked at the wonderful figures of Rama, Sita and Lakshmana with unblinking eyes.
पदच्छेदः
| वैदेहीं | वैदेही (२.१) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| रामं | राम (२.१) |
| नेत्रैर् | नेत्र (३.३) |
| अनिमिषैर् | अनिमिष (३.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| आश्चर्यभूतान् | आश्चर्य–भूत (√भू + क्त, २.३) |
| ददृशुः | ददृशुः (√दृश् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| ते | तद् (१.३) |
| वनचारिणः | वन–चारिन् (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वै | दे | हीं | ल | क्ष्म | णं | रा | मं |
| ने | त्रै | र | नि | मि | षै | रि | व |
| आ | श्च | र्य | भू | ता | न्द | दृ | शुः |
| स | र्वे | ते | व | न | चा | रि | णः |