पदच्छेदः
| येषाम् | यद् (६.३) |
| उषितवान् | उषितवत् (√वस् + क्तवतु, १.१) |
| पूर्वं | पूर्वम् (अव्ययः) |
| सकाशे | सकाश (७.१) |
| स | तद् (१.१) |
| महास्त्रवित् | महत्–अस्त्र–विद् (१.१) |
| क्वचित् | क्वचिद् (अव्ययः) |
| परिदशान् | परिदश (२.३) |
| मासान् | मास (२.३) |
| एकं | एक (२.१) |
| संवत्सरं | संवत्सर (२.१) |
| क्वचित् | क्वचिद् (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ये | षा | मु | षि | त | वा | न्पू | र्वं |
| स | का | शे | स | म | हा | स्त्र | वित् |
| क्व | चि | त्प | रि | द | शा | न्मा | सा |
| ने | कं | सं | व | त्स | रं | क्व | चित् |