अन्वयः
तात dear child, आश्रमात् from this hermitage, चत्वारि योजनानि four yojanas, (८ x ४ ३२ miles) याहि you may go, ततः thereafter, दक्षिणेन in southern direction, अगस्त्यभ्रातुः Agastya of the brother of, महान् great, श्रीमान् beautiful, आश्रमः hermitage.
Summary
Dear Rama, walk from here a distance of four yojanas. There in the southerly direction stands the great, beautiful hermitage of Agastya's brother.
पदच्छेदः
| योजनान्य् | योजन (२.३) |
| आश्रमात् | आश्रम (५.१) |
| तात | तात (८.१) |
| याहि | याहि (√या लोट् म.पु. ) |
| चत्वारि | चतुर् (२.३) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| दक्षिणेन | दक्षिण (३.१) |
| महाञ् | महत् (१.१) |
| श्रीमान् | श्रीमत् (१.१) |
| अगस्त्यभ्रातुर् | अगस्त्य–भ्रातृ (६.१) |
| आश्रमः | आश्रम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| यो | ज | ना | न्या | श्र | मा | त्ता | त |
| या | हि | च | त्वा | रि | वै | त | तः |
| द | क्षि | णे | न | म | हा | ञ्श्री | मा |
| न | ग | स्त्य | भ्रा | तु | रा | श्र | मः |