अन्वयः
राघवः Rama, तेन मुनिना by that sage, सम्यक् properly, प्रतिगृहीतः was received, मूलफलानि roots and fruits, प्राश्य after eating, ताम् that, एकाम् one, निशाम् night, न्यवसत् spent.
M N Dutt
Well received by the ascetic, Rāghava spent there a night, eating fruits and roots.
Summary
Warmly received by the sage, Rama shared the roots and fruits and slept the night there.
पदच्छेदः
| सम्यक् | सम्यक् (अव्ययः) |
| प्रतिगृहीतस् | प्रतिगृहीत (√प्रति-ग्रह् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| मुनिना | मुनि (३.१) |
| तेन | तद् (३.१) |
| राघवः | राघव (१.१) |
| न्यवसत् | न्यवसत् (√नि-वस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| तां | तद् (२.१) |
| निशाम् | निशा (२.१) |
| एकां | एक (२.१) |
| प्राश्य | प्राश्य (√प्र-अश् + ल्यप्) |
| मूलफलानि | मूल–फल (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | म्य | क्प्र | ति | गृ | ही | त | स्तु |
| मु | नि | ना | ते | न | रा | घ | वः |
| न्य | व | स | त्तां | नि | शा | मे | कां |
| प्रा | श्य | मू | ल | फ | ला | नि | च |