अन्वयः
तस्यां रात्य्राम् when that night, व्यतीतायाम् was spent, सूर्यमण्डले when the Sun's orb, विमले was bright, राघवः Rama, अगस्त्यस्य Agasthya's, भ्रातरम् brother, तम् him, आमन्त्रयत bid him farewell.
M N Dutt
When the night had passed away, and solar disc arose, Rāghava greeted Agastya's brother.
Summary
When the night passed and the Sun became bright, Rama took leave of the brother of Agastya.
पदच्छेदः
| तस्यां | तद् (७.१) |
| रात्र्यां | रात्रि (७.१) |
| व्यतीतायां | व्यतीत (√व्यति-इ + क्त, ७.१) |
| विमले | विमल (७.१) |
| सूर्यमण्डले | सूर्य–मण्डल (७.१) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| तम् | तद् (२.१) |
| अगस्त्यस्य | अगस्त्य (६.१) |
| आमन्त्रयत | आमन्त्रयत (√आ-मन्त्रय् लङ् प्र.पु. एक.) |
| राघवः | राघव (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्यां | रा | त्र्यां | व्य | ती | ता | यां |
| वि | म | ले | सू | र्य | म | ण्ड | ले |
| भ्रा | त | रं | त | म | ग | स्त्य | स्य |
| आ | म | न्त्र | य | त | रा | घ | वः |