अन्वयः
तदा then, सुसंहृष्टः highly delighted man, लक्ष्मणम् to Lakshmana, बाहुभ्याम् with both his arms, गाढम् very tighty, परिष्वज्य embraced, अतिस्निग्धम् very affectionately, वचनम् words, अब्रवीत् said.
M N Dutt
And joyfully embracing Lakṣmaṇa with his arms, Rāma said these exceedingly calm and solemn words.
Summary
Deeply pleased with Lakshmana, he hugged him tightly and said those loving words :
पदच्छेदः
| सुसंहृष्टः | सु (अव्ययः)–संहृष्ट (√सम्-हृष् + क्त, १.१) |
| परिष्वज्य | परिष्वज्य (√परि-स्वज् + ल्यप्) |
| बाहुभ्यां | बाहु (३.२) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| अतिस्निग्धं | अति (अव्ययः)–स्निग्ध (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| गाढं | गाढ (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| चेदम् | च (अव्ययः)–इदम् (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सु | सं | हृ | ष्टः | प | रि | ष्व | ज्य |
| बा | हु | भ्यां | ल | क्ष्म | णं | त | दा |
| अ | ति | स्नि | ग्धं | च | गा | ढं | च |
| व | च | नं | चे | द | म | ब्र | वीत् |