अन्वयः
राक्षस्या by that demoness, एवम् thus, उक्तः spoken, वाक्यकोविदः wellversed in the use of words, सौमित्रिः son of Sumitra, लक्ष्मणः Lakshmana, ततः then, स्मित्वा with a gentle smile, शूर्पणखीम् to Surpanakha, युक्तम् appropriately, अब्रवीत् said.
M N Dutt
Thus accosted by the Räkşasi, Sumitrā's son, Lakşmana versed in speech, with a smile appropriately observed to Śūrpanakhā,
Summary
Thus addressed by the demoness Lakshmana, son of Sumitra, wellversed in the use of words gave her a befitting reply :
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस् | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सौमित्री | सौमित्रि (१.१) |
| राक्षस्या | राक्षसी (३.१) |
| वाक्यकोविदः | वाक्य–कोविद (१.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| शूर्पणखीं | शूर्पणखा (२.१) |
| स्मित्वा | स्मित्वा (√स्मि + क्त्वा) |
| लक्ष्मणो | लक्ष्मण (१.१) |
| युक्तम् | युक्त (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त | स्तु | सौ | मि | त्री |
| रा | क्ष | स्या | वा | क्य | को | वि | दः |
| त | तः | शू | र्प | ण | खीं | स्मि | त्वा |
| ल | क्ष्म | णो | यु | क्त | म | ब्र | वीत् |