३.१८.१८

मानुषौ शस्त्रसंपन्नौ चीरकृष्णाजिनाम्बरौ ।
प्रविष्टौ दण्डकारण्यं घोरं प्रमदया सह ॥

अन्वयः

शस्त्रसम्पन्नौ fully equipped with weapons, मानुषौ two human beings, चीरकृष्णाजिनाम्बरौ robed in bark and deer skin, प्रमदया सह, along with a young woman, घोरम् dreadful, दण्डकारण्यम् Dandaka forest, प्रविष्टौ have entered.

Summary

Two human beings equipped with weapons, clad in bark robes and deerskin have entered the dreadful Dandaka forest along with a woman of bewitching beauty.

पदच्छेदः

मानुषौमानुष (१.२)
शस्त्रसम्पन्नौशस्त्र–सम्पन्न (√सम्-पद् + क्त, १.२)
चीरकृष्णाजिनाम्बरौचीर–कृष्ण–अजिन–अम्बर (१.२)
प्रविष्टौप्रविष्ट (√प्र-विश् + क्त, १.२)
दण्डकारण्यंदण्डक–अरण्य (२.१)
घोरंघोर (२.१)
प्रमदयाप्रमदा (३.१)
सहसह (अव्ययः)

छन्दः

अनुष्टुप् [८]

छन्दोविश्लेषणम्

मानु षौस्त्र सं न्नौ
ची कृ ष्णाजि नाम्ब रौ
प्र वि ष्टौण्ड का ण्यं
घो रंप्र या