अन्वयः
भूमौ on the ground, पतितान् fell down, तान् those, दृष्ट्वा seeing, राक्षसी the demoness, (Surpanakha), क्रोधमूर्छिता wild with anger, परित्रस्ता frightened, तत्र there, पुनः again, भैरवस्वनान् frihghtening sound, व्यसृजत् released.
Summary
Seeing the demons fallen on the ground, the demoness wild with anger and fear roared.
पदच्छेदः
| तान् | तद् (२.३) |
| भूमौ | भूमि (७.१) |
| पतितान् | पतित (√पत् + क्त, २.३) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| राक्षसी | राक्षसी (१.१) |
| क्रोधमूर्छिता | क्रोध–मूर्छित (√मूर्छय् + क्त, १.१) |
| परित्रस्ता | परित्रस्त (√परि-त्रस् + क्त, १.१) |
| पुनस् | पुनर् (अव्ययः) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| व्यसृजद् | व्यसृजत् (√वि-सृज् लङ् प्र.पु. एक.) |
| भैरवं | भैरव (२.१) |
| रवम् | रव (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ता | न्भू | मौ | प | ति | ता | न्दृ | ष्ट्वा |
| रा | क्ष | सी | क्रो | ध | मू | र्छि | ता |
| प | रि | त्र | स्ता | पु | न | स्त | त्र |
| व्य | सृ | ज | द्भै | र | वं | र | वम् |