मयि ते यद्यनुक्रोशो यदि रक्षःसु तेषु च ।
रामेण यदि शक्तिस्ते तेजो वास्ति निशाचर ।
दण्डकारण्यनिलयं जहि राक्षसकण्टकम् ॥
मयि ते यद्यनुक्रोशो यदि रक्षःसु तेषु च ।
रामेण यदि शक्तिस्ते तेजो वास्ति निशाचर ।
दण्डकारण्यनिलयं जहि राक्षसकण्टकम् ॥
अन्वयः
निशाचर O nightranger, ते yours, मयि in me, तेषु among them, रक्षस्सु च on demons, अनुक्रोशः have compassion, अस्ति यदि if you have, ते to you, रामेण equal to Rama, शक्तिः power, तेजो वा or brilliance, अस्ति यदि if you have, दण्डकारण्यनिलयम् living inDandaka forest, राक्षसकण्टकम् enemy of demons, जहि kill.M N Dutt
If you have any kindness for me as well as those sons of Rākşasas* and, O ranger of night, if you have strength and energy to cope with Rāma, do you kill this thorn of the Rákşasas, who has set up his dwelling in the forest of Dandaka. Another reading is that enemy of mine.Summary
O demon if you have compassion for me or for the demons, if you have the power and energy to face Rama, kill the enemy of the demons living in Dandaka forest.पदच्छेदः
| मयि | मद् (७.१) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| यद्य् | यदि (अव्ययः) |
| अनुक्रोशो | अनुक्रोश (१.१) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| रक्षःसु | रक्षस् (७.३) |
| तेषु | तद् (७.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| रामेण | राम (३.१) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| शक्तिस् | शक्ति (१.१) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| तेजो | तेजस् (१.१) |
| वास्ति | वा (अव्ययः)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| निशाचर | निशाचर (८.१) |
| दण्डकारण्यनिलयं | दण्डक–अरण्य–निलय (२.१) |
| जहि | जहि (√हा लोट् म.पु. ) |
| राक्षसकण्टकम् | राक्षस–कण्टक (२.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | यि | ते | य | द्य | नु | क्रो | शो | य | दि | र | क्षः |
| सु | ते | षु | च | रा | मे | ण | य | दि | श | क्ति | स्ते |
| ते | जो | वा | स्ति | नि | शा | च | र | द | ण्ड | का | र |
| ण्य | नि | ल | यं | ज | हि | रा | क्ष | स | क | ण्ट | कम् |