अन्वयः
विना वातम् without wind, जलधरारुणः like a brownish cloud, रेणुः dust, उद्धूतः rose up, तत्र there, शारिकाः sarika bird, वीचीकूचीति thoughtlessly, वाश्यन्त्यः singing, बभूवुः been.
Summary
Although there was no wind, dust rose like a brown cloud and the sarika birds sang (vichi kuchi) thoughtlessly.
पदच्छेदः
| उद्धूतश् | उद्धूत (√उत्-धू + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| विना | विना (अव्ययः) |
| वातं | वात (२.१) |
| रेणुर् | रेणु (१.१) |
| जलधरारुणः | जलधर–अरुण (१.१) |
| वीचीकूचीति | वीचि–कूची (१.१)–इति (अव्ययः) |
| वाश्यन्तो | वाश्यत् (√वाश् + शतृ, १.३) |
| बभूवुस् | बभूवुः (√भू लिट् प्र.पु. बहु.) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| सारिकाः | सारिक (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | द्धू | त | श्च | वि | ना | वा | तं |
| रे | णु | र्ज | ल | ध | रा | रु | णः |
| वी | ची | कू | ची | ति | वा | श्य | न्तो |
| ब | भू | वु | स्त | त्र | सा | रि | काः |