अन्वयः
रथस्थस्य stationed on the chariot, नर्दमानस्य shouting, धीमतः intelligent , खरस्य of Khara, सव्यः left, भुजः shoulder, प्राकम्पत shook violently, अस्य his, स्वरश्च throat also, अवसज्जत throttled.
Summary
While the intelligent and courageous Khara was seated on the chariot and shouting, his left shoulder shook violently and throat throttled.
पदच्छेदः
| खरस्य | खर (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| रथस्थस्य | रथ–स्थ (६.१) |
| नर्दमानस्य | नर्दमान (√नर्द् + शानच्, ६.१) |
| धीमतः | धीमत् (६.१) |
| प्राकम्पत | प्राकम्पत (√प्र-कम्प् लङ् प्र.पु. एक.) |
| भुजः | भुज (१.१) |
| सव्यः | सव्य (१.१) |
| खरश् | खर (१.१) |
| चास्यावसज्जत | च (अव्ययः)–इदम् (६.१)–अवसज्जत (√अव-सञ्ज् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ख | र | स्य | च | र | थ | स्थ | स्य |
| न | र्द | मा | न | स्य | धी | म | तः |
| प्रा | क | म्प | त | भु | जः | स | व्यः |
| ख | र | श्चा | स्या | व | स | ज्ज | त |