सा भीमवेगा समराभिकामा; सुदारुणा राक्षसवीर सेना ।
तौ राजपुत्रौ सहसाभ्युपेता; मालाग्रहाणामिव चन्द्रसूर्यौ ॥
सा भीमवेगा समराभिकामा; सुदारुणा राक्षसवीर सेना ।
तौ राजपुत्रौ सहसाभ्युपेता; मालाग्रहाणामिव चन्द्रसूर्यौ ॥
अन्वयः
भीमवेगाः very fast, समराभिकामाः eager for war, महाबलाः mighty, सा that, राक्षसवीरसेना the heroic army of demons, सहसा at once, ग्रहाणाम् of planets, माला garland, चन्द्रसूर्यौ इव like Sun and Moon, तौ those, राजपुत्रौ king's sons, अभ्युपेता: attacked.M N Dutt
Then as the planets dart towards the sun and moon, that heroic and dreadful army of Rākşasas, eager for victory suddenly rushed towards the princes with great vehemence.Summary
The mighty, swiftfooted army of valiant demons surrounded the princes (Rama and Lakshmana) all on a sudden like the planets around the Sun and the Moon.इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये अरण्यकाण्डे त्रयोविंशस्सर्गः॥Thus ends the twentythird sarga of Aranyakanda of the holy Ramayana the first epic composed by sage Valmiki.पदच्छेदः
| सा | तद् (१.१) |
| भीमवेगा | भीम–वेग (१.१) |
| समराभिकामा | समर–अभिकाम (१.१) |
| सुदारुणा | सु (अव्ययः)–दारुण (१.१) |
| राक्षसवीरसेना | राक्षस–वीर–सेना (१.१) |
| तौ | तद् (२.२) |
| राजपुत्रौ | राजन्–पुत्र (२.२) |
| सहसाभ्युपेता | सहस् (३.१)–अभ्युपेत (√अभ्युप-इ + क्त, १.१) |
| माला | माला (१.१) |
| ग्रहाणाम् | ग्रह (६.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| चन्द्रसूर्यौ | चन्द्र–सूर्य (२.२) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सा | भी | म | वे | गा | स | म | रा | भि | का | मा |
| सु | दा | रु | णा | रा | क्ष | स | वी | र | से | ना |
| तौ | रा | ज | पु | त्रौ | स | ह | सा | भ्यु | पे | ता |
| मा | ला | ग्र | हा | णा | मि | व | च | न्द्र | सू | र्यौ |