एतस्मिन्नन्तरे क्रुद्धास्त्रयः सेनाग्रयायिनः ।
संहत्याभ्यद्रवन्रामं मृत्युपाशावपाशिताः ।
महाकपालः स्थूलाक्षः प्रमाथी च महाबलः ॥
एतस्मिन्नन्तरे क्रुद्धास्त्रयः सेनाग्रयायिनः ।
संहत्याभ्यद्रवन्रामं मृत्युपाशावपाशिताः ।
महाकपालः स्थूलाक्षः प्रमाथी च महाबलः ॥
अन्वयः
एतस्मिन् अन्तरे meanwhile, क्रुद्धाः angry , महाकपालः Mahakapala, स्थूलाक्षः Stulaksha, महाबलः mighty, प्रमाथी च Pramathi, त्रयः all three, सेनाग्रयायिनः army chiefs, मृत्युपाशावपाशिताः bound by the noose of death, संहृत्य all together, रामम् Rama, अभ्यद्रवन् ran towards.M N Dutt
In the meantime, three generals, getting wioth, being entrapped in the noose of death, rushed against Rāma in a body, viz; Mahakapāla, Stūlākșa, and the mighty Pramāthī the Rāksasa, Mahākapäla, upraising a large dart, and Sthulaksa, taking a pattisa, and Pramāthi all axe.Summary
Meanwhile all the three army chiefs, Mahakapala, Sthulaksha, and the mighty Pramathi ran towards Rama in anger, bound (as though) by the noose of death.पदच्छेदः
| एतस्मिन्न् | एतद् (७.१) |
| अन्तरे | अन्तर (७.१) |
| क्रुद्धास् | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.३) |
| त्रयः | त्रि (१.३) |
| सेनाग्रयायिनः | सेना–अग्रयायिन् (१.३) |
| संहत्याभ्यद्रवन् | संहत्य (√सम्-हन् + ल्यप्)–अभ्यद्रवन् (√अभि-द्रु लङ् प्र.पु. बहु.) |
| रामं | राम (२.१) |
| मृत्युपाशावपाशिताः | मृत्यु–पाश–अवपाशित (१.३) |
| महाकपालः | महाकपाल (१.१) |
| स्थूलाक्षः | स्थूलाक्ष (१.१) |
| प्रमाथी | प्रमाथिन् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| महाबलः | महत्–बल (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | त | स्मि | न्न | न्त | रे | क्रु | द्धा | स्त्र | यः | से | ना |
| ग्र | या | यि | नः | सं | ह | त्या | भ्य | द्र | व | न्रा | मं |
| मृ | त्यु | पा | शा | व | पा | शि | ताः | म | हा | क | पा |
| लः | स्थू | ला | क्षः | प्र | मा | थी | च | म | हा | ब | लः |