तच्छ्रुत्वा राक्षसेन्द्रस्य वाक्यं वाक्यविशारदः ।
प्रत्युवाच महाप्राज्ञो मारीचो राक्षसेश्वरम् ॥
तच्छ्रुत्वा राक्षसेन्द्रस्य वाक्यं वाक्यविशारदः ।
प्रत्युवाच महाप्राज्ञो मारीचो राक्षसेश्वरम् ॥
अन्वयः
राक्षसेन्द्रस्य lord of the demons (Ravana), तत् वाक्यम् the words, श्रुत्वा having heard, महाप्राज्ञः very wise, वाक्यविशारदः eloquent speaker, मारीचः Maricha, राक्षसेश्वरम् to Ravana, प्रत्युवाच replied.M N Dutt
Hearing the words of that sovereign of the Rākşasas, the highly energetic Mārica, skilled in speech, answered the Raksasa chief.Summary
Having heard the words of Ravana, lord of the demons, wise Maricha who was also an eloquent speaker replied:पदच्छेदः
| तच् | तद् (२.१) |
| छ्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| राक्षसेन्द्रस्य | राक्षस–इन्द्र (६.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| वाक्यविशारदः | वाक्य–विशारद (१.१) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महाप्राज्ञो | महत्–प्राज्ञ (१.१) |
| मारीचो | मारीच (१.१) |
| राक्षसेश्वरम् | राक्षस–ईश्वर (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | च्छ्रु | त्वा | रा | क्ष | से | न्द्र | स्य |
| वा | क्यं | वा | क्य | वि | शा | र | दः |
| प्र | त्यु | वा | च | म | हा | प्रा | ज्ञो |
| मा | री | चो | रा | क्ष | से | श्व | रम् |