अन्वयः
क्रीडारतिविधिज्ञानाम् of those who know lovesport, समाजोत्सवशालिनाम् of those who celebrate community festivals, रक्षसां चैव of demons too, सन्तापम् grief, अनर्थं च disaster, आहरिष्यसि you will bring.
Summary
You will bring grief and disaster into the lives of demons who are sporting in love and who are in the habit of celebrating community festivals with joy.
पदच्छेदः
| क्रीडारतिविधिज्ञानां | क्रीडा–रति–विधि–ज्ञ (६.३) |
| समाजोत्सवशालिनाम् | समाज–उत्सव–शालिन् (६.३) |
| रक्षसां | रक्षस् (६.३) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| संतापम् | संताप (२.१) |
| अनर्थं | अनर्थ (२.१) |
| चाहरिष्यसि | च (अव्ययः)–आहरिष्यसि (√आ-हृ लृट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क्री | डा | र | ति | वि | धि | ज्ञा | नां |
| स | मा | जो | त्स | व | शा | लि | नाम् |
| र | क्ष | सां | चै | व | सं | ता | प |
| म | न | र्थं | चा | ह | रि | ष्य | सि |