अन्वयः
इत्येवम् thus, उक्तः spoken, धर्मात्मा righteous, राजा king, दशरथः Dasaratha, तदा then, महाभागम् the glorious, महामुनिम् the great sage, विश्वामित्रम् Visvamitra, प्रत्युवाच replied.
M N Dutt
Being thus addressed by the ascetic the virtuous-souled king Dasaratha replied.
Summary
When the great, venerable sage Visvamitra said so, the righteous king Dasaratha replied:
पदच्छेदः
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तो | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| धर्मात्मा | धर्म–आत्मन् (१.१) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| दशरथस् | दशरथ (१.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महाभागं | महाभाग (२.१) |
| विश्वामित्रं | विश्वामित्र (२.१) |
| महामुनिम् | महत्–मुनि (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | त्ये | व | मु | क्तो | ध | र्मा | त्मा |
| रा | जा | द | श | र | थ | स्त | दा |
| प्र | त्यु | वा | च | म | हा | भा | गं |
| वि | श्वा | मि | त्रं | म | हा | मु | निम् |