अन्वयः
महामुने O great sage, अहमेव I myself, सर्वान् all, लोकान् worlds, आहरिष्यामि will acquire, तु you, अहम् I, इह here, कानने in the forest, प्रदिष्टम् directed, आवासम् reside, इच्छामि intend.
M N Dutt
O mighty anchorite, I shall acquire all those regions myself. I now wish that you may direct me as to my abode in this forest.
Summary
O great sage, I will earn all the worlds myself if you direct me. But I need a proper dwellingplace in this forest.
पदच्छेदः
| अहम् | मद् (१.१) |
| एवाहरिष्यामि | एव (अव्ययः)–आहरिष्यामि (√आ-हृ लृट् उ.पु. ) |
| सर्वांल् | सर्व (२.३) |
| लोकान् | लोक (२.३) |
| महामुने | महत्–मुनि (८.१) |
| आवासं | आवास (२.१)–आवास (२.१) |
| त्व् | तु (अव्ययः)–तु (अव्ययः) |
| अहम् | मद् (१.१)–मद् (१.१) |
| इच्छामि | इच्छामि (√इष् लट् उ.पु. )–इच्छामि (√इष् लट् उ.पु. ) |
| प्रदिष्टम् | प्रदिष्ट (√प्र-दिश् + क्त, २.१)–प्रदिष्ट (√प्र-दिश् + क्त, २.१) |
| इह | इह (अव्ययः)–इह (अव्ययः) |
| कानने | कानन (७.१)–कानन (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ह | मे | वा | ह | रि | ष्या | मि |
| स | र्वा | ल्लो | का | न्म | हा | मु | ने |
| आ | वा | सं | त्व | ह | मि | च्छा | मि |
| प्र | दि | ष्ट | मि | ह | का | न | ने |