पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| विचित्रकेयूरः | विचित्र–केयूर (१.१) |
| सर्वाभरणभूषितः | सर्व–आभरण–भूषित (√भूषय् + क्त, १.१) |
| हेममाली | हेमन्–मालिन् (१.१) |
| महादंष्ट्रो | महत्–दंष्ट्र (१.१) |
| राक्षसो | राक्षस (१.१) |
| ऽभूच् | अभूत् (√भू प्र.पु. एक.) |
| छराहतः | शर–आहत (√आ-हन् + क्त, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | वि | चि | त्र | के | यू | रः |
| स | र्वा | भ | र | ण | भू | षि | तः |
| हे | म | मा | ली | म | हा | दं | ष्ट्रो |
| रा | क्ष | सो | ऽभू | च्छ | रा | ह | तः |