पदच्छेदः
| अवेक्ष्यावेक्ष्य | अवेक्ष्य (√अव-ईक्ष् + ल्यप्)–अवेक्ष्य (√अव-ईक्ष् + ल्यप्) |
| धावन्तं | धावत् (√धाव् + शतृ, २.१) |
| धनुष्पाणिर् | धनुष्पाणि (१.१) |
| महावने | महत्–वन (७.१) |
| अतिवृत्तम् | अतिवृत्त (√अति-वृत् + क्त, २.१) |
| इषोः | इषु (६.१) |
| पाताल् | पात (५.१) |
| लोभयानं | लोभयान (√लोभय् + शानच्, २.१) |
| कदाचन | कदाचन (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | वे | क्ष्या | वे | क्ष्य | धा | व | न्तं |
| ध | नु | ष्पा | णि | र्म | हा | व | ने |
| अ | ति | वृ | त्त | मि | षोः | पा | ता |
| ल्लो | भ | या | नं | क | दा | च | न |