अन्वयः
लक्ष्मणेन by Lakshmana, एवम् in that way, उक्ता having been told, सा Sita, क्रुद्धा an angry, संरक्तलोचना with eyes turned red, सत्यवादिनम् to the truthful, लक्ष्मणम् Lakshmana, परुषम् harsh, वाक्यम् words, अब्रवीत् she spoke.
M N Dutt
Being thus addressed by him her eyes were reddened with ire, and she spake these harsh words to the truthful Lakşmaņa.
Summary
Addressed thus by Lakshmana, Sita got mighty angry. Her eyes turned red and she spoke harshly to truthful Lakshmana
पदच्छेदः
| लक्ष्मणेनैवम् | लक्ष्मण (३.१)–एवम् (अव्ययः) |
| उक्ता | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| क्रुद्धा | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.१) |
| संरक्तलोचना | संरक्त (√सम्-रञ्ज् + क्त)–लोचन (१.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| परुषं | परुष (२.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| सत्यवादिनम् | सत्य–वादिन् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ल | क्ष्म | णे | नै | व | मु | क्ता | तु |
| क्रु | द्धा | सं | र | क्त | लो | च | ना |
| अ | ब्र | वी | त्प | रु | षं | वा | क्यं |
| ल | क्ष्म | णं | स | त्य | वा | दि | नम् |